Principal Message

प्रधानाचार्य के कलम से…………………

 

यहां ज्ञान की निर्मल जल से भरा सरोवर सिंचित तरुवर है ।

जीवन के प्रगति का पथ भी प्रारंभ यहीं से होता है॥

दक्षिणांचल के वक्षस्थल को गौरवान्वित करनेंवाला शिक्षा के क्षेत्र में एक दैदीप्यमान नक्षत्र के रूप में शिवम संकल्प इण्टर कालेज व शिवम संकल्प पब्लिक स्कूल, बखरिहवां अंजानी, सोनभद्र अपनी चारूता, भब्यता, अस्मिता एवं आलोक से जनमानस के प्रति प्रकाश स्तम्भ बना हुआ है। विगत 1२ वर्षोें से अद्यतन ग्रामीण नौनिहालों के पथ- प्रदर्शन में अपना योगदान पूरी निष्ठा से निछावर करता चला आ रहा है।
शास्त्रोक है ज्ञानं तृतीयं मनुजस्य नेत्रंम् अर्थात ज्ञान मनुष्य की तिसरी आंख है। शिक्षा के बजारीकरण, राजनीतिकरण एवं अर्थ प्रधानीकरण में नव-किशोरो के उज्जवल भविष्य को अंधकार रूपी कालिमा में से आच्छादित कर लिया है।
आज हमें उनके प्रतिजागरूक होनें की आवश्यकता है। डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था- ष् शिक्षा का उद्देश्य मानव को देशकाल की सीमा से दूर आध्यात्मिकता की पूर्ण ऊॅचाई तक पहुँचाना है। ष् आज के दूषित परिवेश में शिक्षा लेना व शिक्षा देना दोनो अर्थाेपार्जन के ही भाव भूमि पर खड़े है, आज हमारे राष्ट्र में पश्चिमी सभ्यता बड़ी शीघ्रता के साथ अपवना पांव पसार रही है और खेद की बात यह है कि हमारा समाज पश्चिमी सभ्यता के रंग में रंगता जा रहा है। हम अपने भारतीय संस्कृति की उपेक्षा करते जा रहे है। हमारा खान-पान रहन व शिष्टाचार आदि प्रभावित हो रहा है।, यदि हमें भारत राष्ट्र को विश्व गुरू के गरिमामय पद पर पुनस्थापित करना है जो अपने बाल युवाओं को नव दिशा प्रदान करनी होग़ी।

रामप्रकाश पांडेय

प्रधानाचार्य